دورانیہ: 50s
यह कहानी एक छोटे गाँव के मेहनती बढ़ई पप्पू की है, जो पैसों से नहीं बल्कि लोगों की मदद करके असली खुशी और सम्मान कमाता है। जब स्कूल की टूटी बेंचों से बच्चे उदास होते हैं, तो पप्पू निस्वार्थ भाव से उनकी मदद करता है और साबित करता है कि सच्ची कमाई लोगों की दुआओं में होती है। ...
ہم سے رابطہ کریں: vidmatestudio@gmail.com|کاپی رائٹ © 2026 تمام حقوق محفوظ ہیں